Prabhakar's Kundaliyas. Dieser Artikel ist nicht verfügbar.
Verlag: Notion Press, 2026

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Artikelbeschreibung des Verkäufers
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Bestandsnummer des Verkäufers L2-9798905407659
- Titel
- Prabhakar's Kundaliyas
- Autor
- Shraman Engineer D. K. Prabhakar
- Verlag
- Notion Press
- Erscheinungsjahr
- 2026
- Zustand
- New
- Einband
- PAP
- ISBN-13
- 9798905407659
- Artikelgewicht
- 249 Gramm
प्रभाकर की कुण्डलियाँ समण इंजीनियर डी. के. प्रभाकर का एक प्रभावशाली काव्य-संग्रह है, जिसमें कुण्डली छंद की परंपरा के माध्यम से समाज, राजनीति, संस्कृति और जीवन के विविध पक्षों को स्वर दिया गया है। इस पुस्तक में लेखक ने अपने अनुभवों, विचारों और सामाजिक दृष्टि को लगभग बावन कुण्डलियों के रूप में प्रस्तुत किया है। इन रचनाओं में आरक्षण, सामाजिक न्याय, बहुजन चेतना, स्त्री-जीवन, वरिष्ठ नागरिकों की पीड़ा, विवाह-स्मृतियाँ, आधुनिक समय की विसंगतियाँ, राजनीतिक विडंबनाएँ और आध्यात्मिक संदर्भों को गहरी संवेदना और तीखे व्यंग्य के साथ उकेरा गया है।यह संग्रह केवल काव्य-पाठ नहीं, बल्कि सामाजिक यथार्थ का एक जीवंत दस्तावेज है। लेखक की भाषा सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली है, जो पाठक को कहीं विचारमग्न करती है, कहीं संवेदना से भर देती है और कहीं व्यवस्था पर प्रश्न उठाने के लिए प्रेरित करती है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की वैचारिक विरासत, समता, सम्मान और अधिकारों की चेतना इस पुस्तक की मूल धारा में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। जो पाठक समकालीन समाज को कविता के माध्यम से समझना चाहते हैं, उनके लिए यह पुस्तक एक अर्थपूर्ण और संग्रहणीय रचना है।
„Inhaltsangabe“ gehört möglicherweise zu einer anderen Auflage dieses Titels.