Verwandte Artikel zu ऑपरेशन मह&#x...

ऑपरेशन महाशक्ति भारत 2047ः राष्ट्र की समस्याओं का निदान और विकसित भारत का प्रिस्क्रिप्शन एक नेत्र-सर्जन की कलम से: Rashtra Ki Samasyaon Ka Nidan Aur ... Ka Prescription Ek Netra-Surgeon Ki Kalam Se - Softcover

डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय

 
9798906061362: ऑपरेशन महाशक्ति भारत 2047ः राष्ट्र की समस्याओं का निदान और विकसित भारत का प्रिस्क्रिप्शन एक नेत्र-सर्जन की कलम से: Rashtra Ki Samasyaon Ka Nidan Aur ... Ka Prescription Ek Netra-Surgeon Ki Kalam Se

Inhaltsangabe

क्या भारत केवल नक्शे पर बना एक देश है, या 148 करोड़ धड़कनों से जीवित एक राष्ट्र-शरीर?तीन दशकों से अधिक लाखों आँखों में रोशनी लौटाने वाले नेत्र-सर्जन, प्रेरक वक्ता और राष्ट्रचिंतक डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय अपनी चिकित्सकीय दृष्टि भारत पर केंद्रित करते हैं। विकास की चमक के पीछे उन्हें रोग दिखाई देते हैं- भ्रष्टाचार का कैंसर, जातिवाद का ऑटोइम्यून विकार, लालफीताशाही का पक्षाघात, शिक्षा-व्यवस्था की निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) और युवाओं के सपनों पर छाता निराशा का मोतियाबिंद। 'ऑपरेशन महाशक्ति भारत 2047' समस्याओं की सूची नहीं, बल्कि राष्ट्र-रूपी मरीज की जाँच, निर्भीक निदान और व्यावहारिक उपचार-पद्धति है। चिकित्सकीय रूपकों, मानवीय प्रसंगों, विश्वसनीय तथ्यों और सफल देशों से मिली सीख के माध्यम से यह पुस्तक भारत की चुनौतियों को राष्ट्रीय पुनर्जागरण के रोडमैप में बदल देती है। इसका प्रिस्क्रिप्शन नीतियों से आगे जाता है। यह ईमानदार संस्थाओं, जवाबदेह नेतृत्व, नवोन्मेषी शिक्षा, सशक्त महिलाओं, सम्मानित किसानों, जागरूक युवाओं, उद्यमिता और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों का आह्वान करता है। यह पुस्तक विश्वास जगाती है कि विकसित भारत किसी सरकार, नेता या योजना की देन नहीं होगा। उसका निर्माण करोड़ों जागृत भारतीयों की ईमानदारी, अनुशासन, उत्कृष्टता, संवेदना, नवाचार और राष्ट्रीय चरित्र से होगा। भारत की दृष्टि धुँधली हो सकती है, पर उसकी रोशनी बुझी नहीं है। निदान गंभीर है, पर राष्ट्र-रूपी मरीज शक्तिशाली है। भारत के भविष्य के केवल दर्शक मत बनिए। उसके चिकित्सक, निर्माता और मशालवाहक बनिए। यह पुस्तक खोलिए और उस ऑपरेशन का हिस्सा बनिए, जो भारत को विकसित, समर्थ, आत्मविश्वासी और विश्व को दिशा देने वाली महाशक्ति में बदल सकता है।

Die Inhaltsangabe kann sich auf eine andere Ausgabe dieses Titels beziehen.