""जुंब़िश"" कुछ अनकही बातें, कुछ अनकहे जज़्बात - सीए. गौरव गोयल द्वारा रचित विभिन्न कविताओं का एक संकलन है। इसमें उन्होंने देश प्रेम से लेकर समाज और मानवता के अलग-अलग परिदृश्यों और अपने परिवार - माता-पिता, पत्नी और पुत्रों के प्रति अपने प्रेम को दर्शाती हुई कविताओं को संकलित किया है। जहां समाज के वर्तमान हालातों पर उनके द्वारा लिखी कवितायेँ आपके हृदय को झकझोर देंगी, आपको सोचने पर विवश कर देंगी, वहीँ रिश्तों और परिवार पर लिखी उनकी कविताएं आपको अत्यंत भावुक और संवेदना से भर देंगी। आशा है आपको उनके द्वारा रचित ये कवितायेँ पसंद आयेंगी और आपकी सराहना का पात्र बनेंगी।
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गौरव गोयल पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं परन्तु हृदय में उनके एक कवि भी निवास करता है। जब भी उनको अपने पेशे से वक्त मिलता है, वो अपने जज़्बातों को कविता के रूप काग़ज़ पे उकेर देते हैं l उनकी कविताएं मानवीय मूल्यों से लेकर, समाज के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ परिवारिक रिश्तों की गहराईयों को दर्शाती हैं। ये पुस्तक भी उनकी ऐसी ही विभिन्न कविताओं का एक संकलन है l
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