लघु काव्य संग्रह नव आयाम के नव स्पंदन अनेक भावों का सुंदर मिश्रण है। कहीं तो हंसी की खनक है, कहीं तितलियों जैसे अनेक रंग हैं, कहीं वेदना की छटपटाहट है और कहीं तो जीवन जीने की कला सीखते हुए परम शांति को खोज है।
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कुसुम कथूरिया दिल्ली में रहने वाली एक सरल व साधारण गृहिणी है जिन्होंने दिल्ली यूनिर्वासटी से 36 साल पहले हिन्दी में एम. ए. किया । इसके पश्चात वह परिवार की जिम्मेदारियों को पूर्ण करने में संलग्न हो गई। इनके दोनो बेटे व बहुएं बड़ी कम्पनियों में कार्यरत हैं। इनकी लेखनी ने बहुत वर्षों बाद लेखन के सागर में कुछ मोती विसर्जित किये हैं जो छोटी-छोटी कविताओं के रूप में सामने आये हैं
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Taschenbuch. Zustand: Neu. Neuware - ??? ????? ?????? ?? ???? ?? ?? ?????? ???? ????? ?? ????? ?????? ??? ???? ?? ???? ?? ??? ??, ???? ???????? ???? ???? ??? ???, ???? ????? ?? ??????? ?? ?? ???? ?? ???? ???? ?? ??? ????? ??? ??? ????? ?? ??? ??? Artikel-Nr. 9789371561747
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