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ख़ामोशी बोल उठी (Edition1st) - Softcover

Panigrahi, Prantik

 
9789369531523: ख़ामोशी बोल उठी (Edition1st)

Inhaltsangabe

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Über die Autorin bzw. den Autor

प्रांतिक - एक ऐसा नाम, जो शब्दों से रिश्ते बनाना जानता है।वे एक Transformational Coach, Life Coach, और तीन पुस्तकों के लेखक हैं।मगर दिल से, वे एक जज़्बाती शायर हैं -जो ख़ामोशियों को भी लफ़्ज़ दे देना जानते हैं।उर्दू शायरी से गहरा जुड़ाव रखने वाले प्रांतिक,अपनी कविताएं देवनागरी लिपि में लिखते हैं -ताकि वो हर दिल तक पहुँच सकें जो जज़्बातों की भाषा समझता है,भले ही लिपि न पढ़ पाता हो।"ख़ामोशी बोल उठी" उनकी पहली प्रकाशित शायरी-संग्रह है,मगर हर नज़्म में उनके जीवन की परतें छुपी हैं -मोहब्बत, टूटन, जुड़ाव, और आत्मा से निकलते भाव।प्रांतिक मानते हैं "जो दिल से लिखा जाए, वो कभी पुराना नहीं होता।"

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