NA|अपने वजूद की चौखट पर खड़ा दरबान हूँ मैं इस हालात-ए-हाज़रा पर खुद भी हैरान हूँ मैं। ढूँढता हुआ मैं हर मंजिल-ए-मक़सूद तक गया नामालूम नूर की बूँद हूँ या गुमशुदा सामान हूँ मैं। मधुर-मौन निशब्द-निमंत्रण तुमने दिया था दिनचर्या में अंतराल नियोजन हमने किया था निगाहों से संवाद का अंदाज़ गर तुम्हारा था चिकोटी पर मरहमी अंदाज़ तो हमारा था. एक नया किरदार ग़ज़ल में ç
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Anbieter: Revaluation Books, Exeter, Vereinigtes Königreich
Paperback. Zustand: Brand New. 200 pages. Hindu language. 8.00x5.00x0.50 inches. In Stock. Artikel-Nr. x-9355431309
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