विवेक शैलार एक ऐसे कवि हैं जिन्होंने अनेकानेक कवितायें लिखीं और उन्होंने कविता लिखना बचपन से ही आरम्भ कर दिया था ।
किन्तु उन्हें अपनी कविताओं के प्रकाशन हेतु लम्बा इंतज़ार करना पड़ा जो की आज पेंसिल पब्लिकेशन के कारण संभव हो पा रहा है ।
ये कवितायें न सिर्फ संघर्ष की प्रेरणा देती हैं, बल्कि दर्द और उदासी से भरे मन को सुकून के अहसास तक ले जाती हैं ।
कहीं सच्चाई का अहसास करवाती हैं , तो कहीं उम्मीद और उत्साह भर देती हैं ।
कहीं देश प्रेम की भावना से जज्बातों में उबाल ला देती हे|
तो कही ज़माने भर को चुनौती देती हैं ।
उम्मीद करता हूँ की पाठकगण इन्हे पढ़कर न सिर्फ एक नए जोश से सराबोर हो जायेंगे ,
बल्कि ख्यालों और विचारों के एक नए जगत में प्रवेश उनकी कल्पना को जीवन के उच्चतम शिखर तक ले जायेगा ।
इन्ही भावनाओं के साथ ।
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