भारत में अधिकांश लोग बिना वसीयत बनाए चले जाते हैं। इसका परिणाम होता है — पारिवारिक विवाद, संपत्ति का अटकाव, और लंबी कानूनी लड़ाइयाँ। यह सब आसानी से टाला जा सकता है। वसीयत और प्रोबेट का परिचय एक सरल और व्यावहारिक मार्गदर्शिका है जो भारतीय कानून के अंतर्गत वसीयत और प्रोबेट की संपूर्ण प्रक्रिया को आम पाठक के लिए सुलभ बनाती है। इस पुस्तक में बताया गया है: • एक वैध वसीयत क्या होती है और उसे कैसे लिखा जाए• वसीयत पर हस्ताक्षर, सत्यापन और पंजीकरण की प्रक्रिया• प्रोबेट याचिका क्या है और इसे कैसे दाखिल करें• किस आधार पर वसीयत को अमान्य घोषित किया जा सकता है• धोखाधड़ी, जबरदस्ती और अनुचित प्रभाव से बनी वसीयत को कैसे चुनौती दें• निष्पादक और प्रशासक के अधिकार और कर्तव्य• निर्वसीयत मृत्यु की स्थिति में संपत्ति का वितरण कैसे होता है भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की प्रमुख धाराओं, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों, और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह पुस्तक कानून को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक उन सभी के लिए उपयोगी है जो वसीयत लिखना चाहते हैं, किसी प्रियजन की संपत्ति के उत्तराधिकारी हैं, या संपत्ति विवाद में किसी कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
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Anbieter: California Books, Miami, FL, USA
Zustand: New. Artikel-Nr. I-9781637451342
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